मौसी के लड़के ने की मेरी चूत की चुदाई
दोस्तों में अन्तर्वासना कहानियो को बहोत पसंद करती आयी हु और आज में अपनी एक भूल आप लोगो के साथ शेयर करना चाहती हु |
मेरा नाम प्रिय है और में एक नर्स हु और हमारे ही हॉस्पिटल में डॉक्टर से प्यार करती हु वो मुझे बहोत बार छोद चूका है मेरी चूत का दीवाना है उसके कुछ दिन बाद मेरी मुलाकात मेरे मौसी के लड़के से हुई
मेरी उम्र २२ साल है और में एक कुवारी लड़की हु मेने नर्सिंग की पढ़ाई की है में मुंबई में एक मेरे घर के पास में ही हॉस्पिटल है वहा जॉब करती हु में सुरु से ही एक लड़के को प्यार करती हु और वो इसी हॉस्पिटल में डॉक्टर है वो भी मुझे बहोत प्यार करता है हम दोनों के बिच बहोत बात सेक्स हो चूका है और वो बहोत अच्छे से करता है मुझे बहोत अच्छा लगता है |
जब में स्कूल में थी तब एक लड़का था वो मुझे बहोत बार चोद चूका है मुझे बहोत मजा देता था अब में सीधी मेरी कहानी पे आती हु ये बात जनुअरी २०१९ की है जब मेरी लड़ाई मेरे प्यार डॉक्टर रोहित से चल रही थी हमें १ साल बित गया बात किये हुए और मिले हुए और प्यार में झगड़ा तो चलता रहता है
लेकिन इस जगडे का असर मेरी चूत पर पड़ रहा था जिसे अब कोई लंड नहीं मिल रहा था मुझे चुदाने का बहोत मन हो रहा था जब मुझे ज्यादा कराने का मन होता था तो में अपनी उंगली चूत म में डाल के चुदाई की प्यास बुझती थी लेकिन फिर भी लंड जितना मजा मुझे नहीं मिल रहा था मुझे लंड का अभाव था फिर भी मेने किसी दूसरे लड़के पे नजर नहीं डाली
एक दिन हमारे हॉस्पिटल में एक पति पत्नी का जोड़ा इलाज के लिए आया हुआ था पति का नाम संजय और उनकी पत्नी का नाम रोशनी था संजय की पत्नी माँ नहीं बन पा रही थी इसी प्रॉब्लम का वो इलाज करने आये थे उन लोगो को जल्दी थी तो वो बार बार परेशांन कर रहे थे तो मेने संजय को सुना दिया और वो सांत हो गए और आखिर उनका नंबर आ गया
जब डॉक्टर ने संजय की पत्नी की पूरी जांच के लिए उनको एक दिन के लिए भर्ती करने का लिखा तो मेने संजय का पूरा नाम पता लिखा तो मुझे पता चला की वो मेरे दूर के रिलेशन् से मौसी का लड़का था अब मुझे अपने व्यवहार पर अफ़सोस हुआ तो में संजय से माफ़ी मांगने चल दी और हमारा परिचय हुआ
बातचीत के बाद संजय ने मेरा नंबर मांगा तो मेने तुरंत दे दिया अगले दिन उनकी छुट्टी हो गयी और वो दोनों चले गए कुछ दिन बाद sanjay का मेसेज आया और बाते सुरु हुई और मेरी रात में भी संजय से बात करने लगी ऐसे ही संजय से मेरा रिस्ता दोस्ती वाला हो गया कुछ दिन बाद संजय के रिलेशन में एक शादी थी संजय बोलै जब में आउगा तो तुम मुझे गुमाना तो मेने उसे हां बोल दिया
शादी क दिन संजय शाम ४ बजे मेरी हॉस्पिटल में आ गया और मुझे साथ में चलने के लिए बोलने लगा मेने डॉक्टर से छुट्टी मागि संजय बहार ही कार में मेरा इंतजार कर रहा था में तैयार हो कर कार में बैठ गयी फिर हम दोनों पिकनिक स्पॉट गए और वह बेठ के हम बाते करने लगे में पिंक शर्ट और सफेद जीन्स में सेक्सी लग रही थी
अचानक मेने नोटिस किया की संजय मुझे देखा जा रहा था तो मेने मेरे शर्ट पे गौर किया उसका ऊपर का बटन खुला था और मेरे बूब्स दिख रहे थे और उसे देख के संजय का करने का मन हो गया हो ऐसा लग रहा था और मेरे बूब्स है ही ऐसे देख के किसी का भी लंड खड़ा हो जाये मेने sanjay को बोला क्या देख रहे हो
संजय: प्रिया तुम बहोत ब्यूटीफुल और सेक्सी हो तुम्हे खा जाने का मन कर रहा है
में बोली हटो पागल ऐसा कुछ नहीं है
संजय लगातार मेरे जिस्म की तरीफ करने लगा और में समाज गयी की आज मेरी चूत की प्यास बूजने ही वाली है बहोत देर बाद अँधेरा होने लगा तो मेने sanjay को बोलै चलो अब शादी में भी जाना है संजय ने दुखी मन से कार चालू कर दी कुछ आगे चलने के बाद में उसे बोली मुझे बाथरूम जाना हे गाड़ी रोक दो
Sanjay ने थोड़ा जंगल के पास गाड़ी साइड में खड़ी करदी और में बाथरूम कर के वापस आयी तो संजय कही दिखा नहीं धियान से देखा तो संजय कार के पीछे बैठा था में संजय के पास जा के बोली क्या हुआ संजय मेरी आखो में देख के बोलै में तुम्हे पाना चाहता हु और जबतक तुम हां नहीं बोलोगी में कही नहीं जाउगा
में बोली संजय मुझे डर लग रहा है यहाँ अँधेरा और जंगल है संजय ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बहो में कस लिया और बोलै कार में चलो और वो मेरे होठ को चूमने लगा मेरा ऊपर का बटन खुला था वो मेरे बूब्स पे हाथ रख के धीरे धीरे दबाने लगा में भी प्यासी थी में भी उसे किश करने लगी फिर संजय मेरे सरे कपडे एक एक कर के उतरने लगा फिर संजय ने खुद के कपडे भी निकल दिए और मेने देखा संजय का लंड तो छोटा है मेने सोचा इसे मुँह में ले कर टाइट और बड़ा कर देती हु और में संजय का लंड पकड़ के चूसने लगी बहोत मीठा था
बहोत दिन बाद लंड चूसने मिला था तो मुझे बहोत मजा आ रहा था और sanjay भी मेरी चूत चाटने लगा मुझसे तो रहा ही नहीं जा रहा था जब हम दोनों गरम हो गए तो संजय ने लंड पे थूक लगा के जल्दी से एक जटके में पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया में जोर से चीखने लगी उम्म्ह ...आह्हः ...अह्ह्ह.. बहोत दिन से मेरी चुत की चुदाई नहीं हुई थी तो मेरी चीख निकल रही थी
संजय पीछे से मेरे बूब्स दबाते हुए मुझे पकड़ के जोर जोर से जटके मरने लगा sanjay का लंड छोटा था लेकिन बहोत देर तक मुझे चोद रहा था मेरी छुट से रस निकल गया लेकिन संजय का मन नहीं भरा वो मुझे गाड़ी से बहार ला कर अपनी गोद में उठा कर चोदने लगा फिर संजय ने मुझे कार में सुला दिया और ऊपर सो के मुझे कस के बहो में ले के चोदने लगा और मेरा फिर से जड़ गया और संजय का भी जड़ गया और हम दोनों चिपक के लेटे रहे
कुछ देर बाद संजय ने मुझे फिर से Choda और पूरा आनंद दिया जो में चाहती थी इसके बाद हम दोनों वापस गए sanjay मुझे गुड नाईट किश दे कर शादी में चला गया इसके बाद संजय जब भी मुझे मिलने आता मेरी चूत की चुदाई कर के ही जाता संजय से मुझे सेक्स का पूरा मजा मिलता है
और ऐसा नहीं की डॉक्टर रोहित के साथ मुझे चुदाई में मजा नहीं आता पर सच यही है संजय ज्यादा मजा दे कर चोदता था लेकिन अब रोहित से मेरी फिर से बात चालू हो चुकी है और रोहित मेरा भविस्य है संजय एक शादी सुदा इंसान है जो मेरी दूर की मौसी का लड़का भी है
में दोनों को ये बात बता नहीं सकती कई बार मुझे लगता है की रिस्तो में चुदाई कर के में गलत कर रही हु और मुझे समाज नहीं आ रहा अब में क्या करू मुझे आप लोगो की राय चाहिए अब मुझे क्या करना चाहिए |

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